Thursday, 4 May 2017

तुम्हारी मुस्कराहट











अक्सर ही लोग कहते है
मुझे "राम"
तुम इश्क़ अच्छा लिखते हो
तब मुझे याद आती है
तुम्हारी मुस्कराहट
और दोहराता हूँ
मन-ही-मन
"तुम बहुत प्यारी लगती हो
मुस्कुराते हुए..."
क्या करूँ,
मैं इश्क़ लिखता हूँ
तो तेरी याद आती है...
और तुम्हारी याद है ही
इतनी खूबसूरत की
मैं उन यादो को जब लिखता हु
तो वो सबको खूबसूरत लगता है

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