ऐसा नहीं की आज तुम नहीं साथ तो सूरज नहीं निकला पर उसमे वो चमक ही कहाँ ऐसा नहीं की आज तुम नहीं साथ तो फूल नहीं खिला पर उसमे वो महक ही कहाँ ........ जब तुम नहीं हो तो सब हो कर भी कुछ नहीं होता ना सूरज में चमक ना हवाओं में महक और आज तुम नहीं हो तो मेरी आँखों में भी वो नूर कहाँ .................
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