Thursday, 8 June 2017

तुझे अपने पास लाने 

हां सच कहता हु 
मैंने कोई बहाना 
नहीं छोड़ा  ..
पास तुझे लाने का
कोई कसर ना छोड़ी 
पास तुझे लाने की 
अब तू पास आये
या ना आये  ..
ये अब तेरे हवाले
वरना मैंने कोई एक
दर भी नहीं छोड़ा 
अपना ये सर 
झुकाने के लिए 
बस एक तुझे 
अपने पास लाने 
के लिए 

No comments:

उषा का प्रादुर्भाव

  उषा का प्रादुर्भाव आगमन का विषय नहीं, आविर्भाव का आलोक है— वह कहीं से चलकर नहीं आती, अंतरिक्ष की अंतरसलिला से सहसा प्रस्फुटित होती है। ...