Saturday, 23 November 2019

वही तो है !


वही तो है !

वो जो झील को 
अपनी दोनों आँखों 
में रखती है ; 
वो ही तो गुलाबों
को अपने दोनों 
रूख़सारों पर 
रखती है ;
वो जो अपनी 
ज़ुल्फ़ों में छुपा 
कर कहीं शाम 
को रखती है ; 
वो वही है जो 
सबसे छुपाकर 
मुझे भी अपने 
दिल में कहीं 
रखती है ;
वो वही है जो 
अपने होंठों पर 
ना ना और अपने 
दिल में हाँ हाँ 
रखती है !

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