Saturday, 1 February 2020

तन्हाई का एहसास !


तन्हाई का एहसास !

तेरे आने से पहले 
और 
तेरे जाने के बाद 
और 
तेरे रोने से पहले
और 
तेरे हंसने के बाद 
और 
तेरे दर्दों के पहले 
और 
तेरी खुशियों के 
बाद 
तेरी यादें तेरी ख़ामोशी
और  
तेरे दर्द तेरे आंसूं आकर 
पास 
मेरे मुझे घेर लेते है 
फिर 
मुझे तन्हाई का एहसास 
बिलकुल 
होने ही नहीं देते है !   

No comments:

उषा का प्रादुर्भाव

  उषा का प्रादुर्भाव आगमन का विषय नहीं, आविर्भाव का आलोक है— वह कहीं से चलकर नहीं आती, अंतरिक्ष की अंतरसलिला से सहसा प्रस्फुटित होती है। ...