Tuesday, 11 February 2020

एक वादा करो !

एक वादा करो !

तुम..आज एक वादा करो मुझसे..
कि तुम यु ही अपनी आँखों कि गहराई में 
मेरी पूरी कायनात समाये रखोगी सदा !
तुम..आज एक वादा करो मुझसे..
कि जब कभी मैं अकेला बैठा मिलूं तुम्हे 
तो तुम चुपचाप पीठ पीछे आकर मेरी 
आँखें बंद कर पूछोगी की बोलो कौन हूँ मैं सदा ! 
तुम..आज एक वादा करो मुझसे..
कि तुम यु ही अपनी गोलाकार बाँहों के घेरे में 
मेरी तनहाईयों को गुम करती रहोगी सदा !
तुम..आज एक वादा करो मुझसे..
कि उम्र के उस पड़ाव में भी तुम यु ही मेरी 
ऊर्जा बनकर बहोगी मेरी रक्त कोशिकाओं में
जिस उम्र में अक्सर जीवन नीरस सा लगता है ! 
तुम..आज एक वादा करो मुझसे..
कि यु ही मेरा सारा दुःख दर्द और गुस्सा 
कंही खोता रहेगा पाकर के साथ तुम्हारा सदा !
तुम..आज एक वादा करो मुझसे..
कि तुम थाम कर मेरा हाथ अपने हाथों में 
सदा रहोगी आकर थोड़ा और करीब मेरे सदा !

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