Friday, 9 February 2018

तुम्हारी "डेरी मिल्क"

💕Chocolate Day💕

चली आओ तुम 
की तुम्हे तुम्हारी 
रखी वो "डेरी मिल्क" 
आज बुला रही है
तुम उसी की तरह
मुँह में रखते ही 
पिघलने वाली   
नाम लेते ही दिल 
में घुलने वाली 
और गले से उतरते ही 
शरीर के पुरे रक्त 
को मीठा कर देने वाली
उतनी ही प्रिये हो 
आज चॉकलेट डे है 
चली आओ तुम 
की तुम्हे तुम्हारी 
रखी वो "डेरी मिल्क" 
पास बुला रही है

No comments:

उषा का प्रादुर्भाव

  उषा का प्रादुर्भाव आगमन का विषय नहीं, आविर्भाव का आलोक है— वह कहीं से चलकर नहीं आती, अंतरिक्ष की अंतरसलिला से सहसा प्रस्फुटित होती है। ...