तुम अपनी शिकायतों
का सिलसिला यूँ ही
जारी रखना सदा,
क्यूंकि मैंने देखा है
तुम्हारी शिकायतों
के पीछे छुपी उम्मीदों
को बड़ी आस से मुझे
टुकटुक देखते हुए,
उन्हें देख कर लगता
है कि कुछ शिकायतें
सदा बनी रहनी चाहिए !
तुम अपनी शिकायतों
का सिलसिला यूँ ही
जारी रखना सदा,
क्यूंकि मैंने देखा है
तुम्हारी शिकायतों
के पीछे छुपी उम्मीदों
को बड़ी आस से मुझे
टुकटुक देखते हुए,
उन्हें देख कर लगता
है कि कुछ शिकायतें
सदा बनी रहनी चाहिए !
उसके सही वक़्त
के इंतज़ार में मेरी
ज़िन्दगी गुजर रही है
रफ्ता रफ्ता
वो बैठा सोच रहा
समय उसे छू कर
गुजरे जा रहा
जब तक सही
वक़्त आएगा
वक़्त के निशां
चेहरे पर नज़र
आ ही जायेंगे
तब गीली पलकों
को क्या छुअन
की सिरहन पोंछ
पाएंगी !
मिलन की रुत से
सीढ़ियाँ आसमान की चढ़ के
एक रोज़ जब
मैंने सज्दे से
सर उठाया
तो देखा वो
वहां था ही नहीं
जिसको मैं जाने
कब से पूज रही थी
फिर मैंने सोचा
इस से क्या फ़र्क़
पड़ता है कि वो
वहां है की नहीं
इस से मेरी इबादत'
थोड़ी न व्यर्थ जाएगी !©SRAMVERMA
पेट भर खाना
सोने को बिस्तर
थोड़ी सी मोहब्बत
ढाई गज चादर'
और एक चुटकी इज़्ज़त
के बदले लगभग इस
संसार की सभी औरतों
ने अधूरे पुरुषों को भी
अपनी पूरी ज़िन्दगी
बना ली है !
जिनको अपने दिल में जगह दो "राम",
वो अगर दिल दुखाते है तो दुखाने दो ;
एक दिन वो भी समझेंगे इस दर्द को ;
उनके दिल को भी तो कभी दुखने दो !
उषा का प्रादुर्भाव आगमन का विषय नहीं, आविर्भाव का आलोक है— वह कहीं से चलकर नहीं आती, अंतरिक्ष की अंतरसलिला से सहसा प्रस्फुटित होती है। ...