तेरे अनुप्राणित स्पर्शों में
मेरा समस्त अस्तित्व विलीन-सा है,
ये उद्भूत भावधाराएँ अब
तेरी अंक-शरण ही अभयी प्रवीण-सा है।
~डाॅ सियाराम 'प्रखर'
Tuesday, 11 November 2025
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उषा का प्रादुर्भाव
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