Saturday, 12 January 2019

एक तेरा जिक्र !

एक तेरा जिक्र !
•••••••••••••••••
मेरे एहसास के 
हर एक पन्ने पर 
सिर्फ एक तेरा जिक्र 
किया है मैंने;

तेरे किये हर एक 
वादों और उन वादों 
को ना निभा पाने की 
तेरी हर एक वजह का 
भी जिक्र किया है मैंने;

हां उन वजह में खो 
रही मेरी एहमियत का 
भी जिक्र किया है मैंने;

और तेरे फिर से किये 
गए हर एक नए वादे 
का भी जिक्र किया है मैंने;

और उन नए वादों पर   
मेरे द्वारा किये गए  
भरोषे का भी जिक्र 
किया है मैंने;
  
और जिक्र किया है मैंने 
तेरी हर एक लापरवाहियों 
का और मेरी हर एक 
परवाह का भी;

हां अपने हर एक   
एहसास के पन्ने पर 
सिर्फ एक तेरा जिक्र 
किया है मैंने !

No comments:

उषा का प्रादुर्भाव

  उषा का प्रादुर्भाव आगमन का विषय नहीं, आविर्भाव का आलोक है— वह कहीं से चलकर नहीं आती, अंतरिक्ष की अंतरसलिला से सहसा प्रस्फुटित होती है। ...